Muharram Best Wisesh in Hindi

सजदे से कर्बला को बंदगी मिल गई सब्र से उम्‍मत को ज़‍िंदगी मिल गई एक चमन फातिमा का गुज़रा मगर सारे इस्‍लाम को ज़‍िंदगी मिल गई।

हुसैन तेरी अता का चश्मा दिलों के दामन भिगो रहा है आसमान में उदास बादल तेरी मोहब्बत में रो रहा है।

कर्बला की कहानी में कत्लेआम था लेकिन हौसलों के आगे हर कोई गुलाम था खुदा के बन्दे ने शहीद की कुर्बानी दी इसलिए उसका नाम पैगाम बना।

दिल में आते ही ख़ुशी साथ ही इक ग़म आया, ईद आई तो मैं समझा कि मोहर्रम आया।

न हिला पाया वो रब की मैहर को, भले जीत गया वो कायर जंग। पर जो मौला के दर पर बैखोफ शहीद हुआ, वही था असली और सच्चा पैगम्बर।

करीब अल्लाह के आओ तो कोई बात बने, ईमान फिर से जगाओ तो कोई बात बने। लहू जो बह गया कर्बला में, उनके मकसद को समझो तो कोई बात बने।