Independance Day 2021 Speech In Hindi | 15 August Par Short Speech

Independence day speech in hindi 2021 : 15 अगस्त पर भाषण | स्वतंत्रता दिवस पर भाषण –  सबसे पहले आप सभी को भारतीय स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं। हमारे देश मे हर साल 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की तौर पर मनाया जाता है। कुछ लगभग 75 साल पहले इसी दिन हमारा देश ब्रिटिश शासन से मुक्त होकर एक स्वंतत्र देश बन चुका था।

यह स्वतंत्रता दिवस  हमारे देश में सभी स्कूलों, कॉलेजों और दफ्तरों में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता हैं। भाषण और वकृत्व स्पर्धाओं का आयोजन भी किया जाता हैं। बच्चे और अध्यापक स्वतंत्र दिवस पर अपने विचार रखते हैं। इसलिए हमने इस लेख में आप सभी के लिए स्वतंत्रता दिवस पर भाषण  लिखा है।

यह स्वतंत्रता दिवस पर भाषण independence day speech in hindi आप सभी स्कूलों कॉलेजों और दफ्तरों में आयोजित किए जाने वाले वक्तृत्व स्पर्धाओं में उपयोग कर सकते हैं।

15 August 2021

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Speech 1.- यहाँ उपस्थित प्रिंसिपल महोदय ,गुरुजनों / अध्यापकों , मुख्य अतिथि महोदय और सभी गणमान्य व्यक्तियों को 15 अगस्त के इस पावन अवसर पर मेरी तरफ से शुभकामनाएं। आज मैं आप सब के समक्ष 15 अगस्त के उपलक्ष में अपने विचार प्रस्तुत करना चाहती हूँ। जैसा की हम जानते हैं कि आज का दिन यानि 15 अगस्त को हम अपने देश के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। आज ही के दिन हमारे देश को अंग्रेज़ों से 200 वर्षों बाद आज़ादी मिली थी। देश में व्यापार के लिए आये अंग्रेज़ों ने 200 वर्षो तक हमारे देश पर राज किया और यहाँ की सम्पदा का दोहन किया। हमारा देश हमेशा से ही एक शांतिप्रिय देश रहा है। लेकिन पराधीनता का वो दौर जब देश की जनता पर अत्याचार बढ़ते जा रहे थे और देश के टुकड़े हो रहे थे तब हमारे देशभक्तों ने अपने अनेक प्रयासों और शहादतों से इस देश की रक्षा की।

उस दौर में इस पराधीनता के जीवन से मुक्त कराने के लिए हमारे देश में बहुत से महान वीर सपूतों ने जन्म लिया। जिनके अथक प्रयासों के चलते हमे आज आज़ाद भारत में जीने का मौका मिला है। बचपन से लेकर आज तक आप भी महात्मा गाँधी , जवाहर लाल नेहरू , सुभाष चंद्र बोस , चंद्र शेखर आज़ाद , भगत सिंह और सरदार वल्लभ भाई पटेल व अनेक देशभक्तों के नाम सुनते ही आ रहे हैं। ये वो भारत माता के वो सपूत हैं जो अपनी पूरी ज़िन्दगी मातृभूमि की सेवा ही करते रहे। देश की अखण्डता , सम्प्रभुता और सम्मान के खातिर कोई भी कसर नहीं छोड़ी। अंग्रेज़ों द्वारा कितने ही प्रताड़ित क्यों न किये गए हों लेकिन उन्होंने अंत तक हार नहीं मानी। और स्वयं की न सोच उन्होंने अपने देश में आगे आने वाली पीढ़ी के भविष्य की चिंता की।

जो भरा नहीं है भावों से ,बहती जिसमें रसधार नहीं,
वह हृदय नहीं वो पत्थर है ,जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं |

 || “जय हिंद, जय भारत” ||

15 August (Independence Day) Short Speech In Hindi

Speech 2.- स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत तब से हुई जब मंगल पांडे नामक क्रांतिकारी को ब्रिटिश शासन के अंग्रेज अधिकारी ने गोली मारी थी। तभी से सम्पूर्ण भारत देशवासियों ने अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई। हमे और हमारे देश को ब्रिटिशों से यह आजादी इतनी आसानी से नहीं मिली है। देश की आजादी पाने के लिए बहुत से क्रांतिकारी सेनानियों ने बलिदान दिया जैसे कि- महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, मंगल पांडे, बाल गंगाधर तिलक, पंडित जवाहरलाल नेहरू, लोक मान्य तिलक, लाला लाजपत राय और खुदीराम बोस आदि। आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए महात्मा गांधी ने सत्याग्रह आंदोलन चलाया और कई बार तो उन्हें जेल भी जाना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। क्योकि उनका एकमात्र लक्ष्य भारत देश को ब्रिटिश शासन से आजादी दिलाना था और काफी अत्याचार सहने और संघर्ष करने के पश्चात फलस्वरूप वे सफल भी हुए। स्वतंत्रता सेनानिओं के लिए कुछ लाइनें कहना चाहुँगी/चाहुँगा –

भूल न जाना भारत माँ के सपूतों का बलिदान,
इस दिन ले लिए जो हुए थे हँसकर कुर्बान,
आजादी की खुशियाँ मनाकर लो शपथ ये कि,
बनाएंगे देश भारत को और भी महान।

जय हिन्द !………. जय भारत !……..

15 August Speech In Hindi For Child

Speech 3.- जैसा कि हम सभी को पता  है 15 अगस्त हम सभी भारतीयों के लिए एक खास दिवस है क्योंकि 200 वर्षों से भी अधिक सालों बाद भारत को इसी दिन वर्ष 1947 को आजादी मिली थी। आजादी की लड़ाई में अनेक महापुरुषों ने अपना बलिदान दिया। देश के लिए उनके द्वारा किए गए त्याग बलिदान को आने वाली सभी पीढ़ियों द्वारा याद किया जाएगा। इन महापुरुषों में सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, महात्मा गांधी, तात्या टोपे जैसे अनेक नाम शामिल हैं।

आजादी के पहले देश में ब्रिटिशों द्वारा भारतीयों का खूब शोषण किया जाता था। ना चाहते हुए भी उनके द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करना अनिवार्य था और यदि कोई ऐसा नहीं करता था तो निर्ममता से उनको सजा दी जाती थी। विश्व के लिए एक आदर्श कहा जाने वाला हमारा देश भारत अंग्रेजों द्वारा बंदी बना लेने के बाद खोखला हो चुका था। अंग्रेजों ने हमारे देश की धन संपदा लूटने के साथ-साथ भारतीय लोगों की मानसिकता एवं यहां की सभी चीजों पर मनमाने ढंग से परिवर्तन करने का सोचा।

अंग्रेजों के हमारे देश के प्रति इस क्रूर व्यवहार को कुछ महान लोग सह ना सके और उन्होंने भारत को आजाद करने कि कसम खा दी और आजादी की लड़ाई में उन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया अपनी जान की बाजी भी लगा दी।

15 August Speech In Hindi Shayari

Speech 4.- आदरणीय प्राचार्य जी, शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों आज (15 अगस्त) स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम सभी यहाँ पर इकट्ठा हुए है और मुझे आप सभी के समक्ष स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर अपने विचार रखने का मौका मिला है, यह मेरा सौभाग्य है। सबसे पहले आप सभी कोस्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। क्या आप जानते है इस वर्ष भारत का कौन-सा स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है ? इस वर्ष भारत का 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। आज मैं स्वतंत्रता दिवस पर अपने कुछ विचार आपके सामने रखने जा रहा/रही हूँ। शुरुआत करते है कुछ लाइनों से –

जब आँख खुलें तो धरती हिन्दुस्तान की हो,
जब आँख बंद हो तो  यादें हिन्दुस्तान की हों,
हम मर भी जाएँ तो  कोई गम नहीं….
मरते वक्त मिटटी हिन्दुस्तान की हो।

15 August Par Bhashan Shayari Ke Sath

हमारा भारत देश 200 वर्षों तक ब्रिटिश शासन के अधीन रहा। देश को आजाद कराने के लिए हमारे देश के बहुत से स्वतंत्रता सेनानिओं जैसे – बाल गंगाधर तिलक, लोक मान्य तिलक, पंडित जवाहरलाल नेहरू, माहत्मा गांधी, लाला लाजपत राय, खुदीराम बोस, सुभाष चंद्र बोस और मंगल पांडे आदि ने बलिदान दिए और अत्याचार सहते हुए भी वे देश को आजादी दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहें। वर्ष 1857-1947 तक स्वतंत्रता संग्राम लड़ने के बाद और काफी अत्याचार सहने के बाद 15 अगस्त वर्ष 1947 को हमारा भारत देश ब्रिटिश शासन की बेड़ियों से मुक्त हुआ और सभी भारतवासियों ने आजादी की सांस ली। आज के स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर मैं शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के लिए कुछ शब्द कहना चाहुँगी/चाहुँगा।

फांसी चढ़ गए और सीने और गोली खाई,
हम उन शहीदों को प्रणाम करते है ,
जो मिट गए देश पर,
हम शहीदों को प्रणाम करते है।

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Speech 5.- यहां पर उपस्थित सभी दिग्गजों को मेरा प्रणाम और मेरे प्यारे भाई और बहनों को प्यार भरा नमस्कार ! आज में मेरे सभी अध्यापक और कार्यक्रम के आयोजन को धन्यवाद देता हूं क्योंकि उन्होंने मुझे इस पवित्र दिन अपने विचारों को रखने का अवसर दिया।

आज का दिन हमारे सभी भारतीय भाई और बहनों के लिए एक सबसे बड़ा उत्सव की तरह है। यह हमारे देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उत्सव है जिसे हर साल हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की तौर पर मनाते है।

दोस्तों, आप सभी को पता ही होगा कि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस यह हम सभी के लिए बेहद ही गर्व का दिन है। क्योंकि इसी दिन हमारे भारतीय सैनिकों ने अंग्रेजों के जुल्मी हुकूमत के खिलाफ तकरीबन 90 सालों से उपर तक जंग लड़ी और हमे स्वतंत्रता दिलाई। इसलिए उस स्वतंत्र संग्राम को याद करने के लिए हम 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस बड़े धूमधाम से मनाते है।

यह स्वतंत्रता संग्राम 1857 -1947 के सालों लड़ा गया। इसकी शुरुआत तब हुई जब एक मंगल पांडे नामक भारतीय क्रांतिकारी युवक ने 1857 में अंग्रेज़ अधिकारी को गोली मारी। तब पूरे हिन्दुस्तान मे अंग्रेजों के खिलाफ मोहिमों को प्रेरणा मिली और सभी जगह उनके खिलाफ उठाव हुए। महात्मा गांधी, लाला लाजपत राय, लोकमान्य तिलक, खुदीराम बोस इन क्रांतिकारी विचारों के सेनानियों ने स्वतंत्र संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी वजह से ही हमे स्वतंत्रता मिल पाई।

हमे आज के दिन उन सभी स्वतंत्र सेनानियों को याद करके हमे उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित करनी है। आज दिन हम सभ के लिए काफी महत्वपूर्ण है। में अपने विचारों पर रोख लगाते हुए इस 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण  समाप्त करता हूं/करती हूँ |

|| जय हिंद, जय भारत ||

15 August 2021 Speech, 15 August 2021 Bhashan

Speech 6.- आदरणीय मुख्य आतिथी महोदय, प्रिंसिपल सर, सम्मानिय सभी शिक्षक, अभिभावक और मेरे प्रिय दोस्तों ! आज में आप सभी के सामने स्वतंत्रता दिवस पर अपने विचार रखने जा रहा हूं इसलिए मेरी सबसे यह बिनती हैं कि आप सभी मेरे विचारों को शांतिपूर्वक सुने।

आप सभी को पता ही होगा कि हम यहां किस कारण बैठे है, आज 15 अगस्त है। यह हमारे देश का स्वतंत्र दिन है, इसी दिन 15 अगस्त 1947 को हमारा भारत देश ब्रिटिश शासन से मुक्त हो गया था। इसी दिन हमारे देश को स्वंत्रता मिली थी।

लेकिन हमे स्वंतत्रता यूं ही नहीं मिली है। हमारे देश को स्वतंत्र बनाने के लिए बेहद सारे स्वतंत्र सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। तब जाकर हमारा देश स्वतंत्र बन चुका है। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस हम सभी भारतीय नागरिकों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है। इस दिन हमे भारत माता को स्वतंत्र बनाने में जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी, उन सभी स्वातंत्र्य सैनानियोंको याद कर, उन्हे श्रद्धांजलि अर्पण करनी है।

हमारे देश के स्वतंत्र बनाने वाले संघर्ष की गाथा बेहद बड़ी है, उसे एक दिन में बयां नहीं किया जा सकता पर हम स्वतंत्र संघर्ष के उन कुछ चुनिंदा पलों को याद कर, अपना हौसला बड़ा सकते है, अपने देशप्रती प्रेम को अभिव्यक्त कर सकते हैं।

लगभग 75 वर्ष पहले हमारा देश ब्रिटिश शासन के आधीन था, हमपर उनका शासन था। भारत के सभी गतिविधियों और शासन को वहीं चलाते थे। उन्होंने भारतीय लोगों को गुलाम बनाकर उनका बेहद छल किया। वे भारतीय किसानों से कच्चा सामान उगाकर उसे बेहद है कम दामों में खरीदकर अपने देश में ले जाते और उसी पर प्रक्रिया कर उसी सामान को दुगने दामों में बेचते थे। इसकी वजह से भारतीय किसान और नागरिकों की जबरण वसुली होती थी।

सबसे पहले अंग्रेज़ भारतीय समुद्री किनारों पर व्यापार करने आए, उन्होंने यहां सुरूवाती तौर पर अपनी वस्तुओं को कम दामों में बेच कर लोगों का बिस्वास जीत लिया, भारतीय लोगों के विचारों को और उनकी रीति रिवाजों को बरिकों से समझ लिया। उन्होंने धीरे धीरे अपने व्यापार को पूरे हिन्दुस्तान में फैलाकर हिन्दुस्तान को अपने कब्जे में कर लिया। हिन्दुस्तानियों को गुलाम बनाकर उनपर राज्य करने लगे।

उन्होंने भारतीय लोगों को जतिव्यवस्था में दुभागा और उनकी एकात्मता को खत्म किया। उच्च और नीच जातियों का स्थान देकर लोगों में मतभेद निर्माण किए और वह खुद भारतीय लोगों पर अपना अधिराज्य बना बैठे।

अंग्रेजों को पता था यदि हम हिन्दुस्तानियों कि भावनाओं के साथ खेलकर उन्हें उच्च और निम्न जातियों में दुभगेंगे तो वह कभी एकत्मता से एकजुट होकर हमारे खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे। क्यूंकि उन्होंने भारतीय लोगों के विचारों का, भानवों का और उनकी रीति रिवाजों का बेहद करीबी से अध्ययन किया था। इसलिए वे पूरे 200 सालों तक हम भारतीयों पर राज कर सकें।

बेहद सारे भारतीय सेनानियों ने भारत के स्वतंत्र संग्राम में अपना योगदान दिया, उन्होंने अपने प्राणों की पर्वा न करते हुए हमे स्वतंत्र बनाया। इसलिए आज हम उन्हे याद कर श्रद्धांजलि अर्पण करने यहां एकत्रित जुटे है।

महात्मा गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग अवलंब कर सभी भारतीयों में एकात्मता से जोड़कर अपनी मुहिम में शामिल कर लिए। उन्होंने अहिंसा से अंग्रेजो के खिलाफ आवाज उठाए। भारत को स्वतंत्र दिलाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है।

इसी के साथ लाल बहादुर शास्त्री, पंडित नेहरू, लाला लाजपत राय, लोकमान्य तिलक इन सभी स्वतंत्र सेनानियों ने भी स्वातंत्र्य संग्राम में अपना अनमोल योगदान दिया। हम भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव इन तीन क्रांतिकारी सेनानियों को कैसे भुल सकते है ?

आज के इस दिन हम सबको स्वतंत्र संग्राम में अपने प्राण गवाने वाले सभी क्रांतिकारी सेनानियों कि याद कर कसम खानी है कि, “हमे हर परिस्थिति में अपने देश की रक्षा करनी है, सभी बुरी परिस्थितियों एकजुट होकर देश के साथ खड़े रहना है।”

|| जय हिंद, जय भारत ||

15 August Par Nibandh Hindi Mein, 15 August Par Essay

Speech 7.- गुड मॉर्निंग, माननीय प्रधानाचार्य, योग्य शिक्षकों, मेरे प्यारे छात्रों आज आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

आदरणीय महोदय, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम अपने प्यारे भारत के 75 वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए यहां एकत्र हुए हैं। आज, हमारे देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक हर कोई “जय भारत माता” के नारे लगा रहा है। यह वास्तव में स्वतंत्रता और भूमि के प्रति प्रेम की भावना है। लेकिन, हम सभी जानते हैं, यह स्वतंत्रता कठिन है। उन सभी के पीछे दशकों का बलिदान और संघर्ष है। जिस भूमि पर हम सांस लेते हैं, वह प्रसिद्ध महापुरुषों की अगुवाई में हमारे महापुरुषों के संघर्ष की बदौलत है। गांधी जी, नेहरू लाल, साबाश चंद्र और अन्य। आदरणीय महोदय, स्वतंत्रता एक उपहार है। यह हमारे पूर्वजों द्वारा किए गए बलिदानों, रातों की नींद, क्रूर यातनाओं और संघर्षों का उपहार है। इतिहास एक खुला अध्याय है। यह हमें इस भूमि के लिए हमारे पूर्वजों के बलिदानों के बारे में बताता है। यह स्वतंत्रता बाबू महात्मा गांधी जी के संघर्षों के कारण है। वह लोगों के अधिकारों के लिए चट्टान की तरह खड़ा था। उन्हें कई बार जेल में डाला गया। उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, फिर भी वह पीछे हट गए। इस स्वतंत्रता का श्रेय हमारे महान नेता पंडित नेहरू लाल को है। उन्होंने कभी भी लोगों के अधिकारों से समझौता नहीं किया। उन्होंने प्रत्येक और सब कुछ का त्याग किया और स्वतंत्रता के कारण का समर्थन किया। और यह स्वतंत्रता हमारे अन्य नेताओं के बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत रे, भगत सिंह, खुदी राम बोस, और चंद्र शेखर आज़ाद के बलिदानों के कारण है। आदरणीय मित्रो। ब्रिटिश भारत में, हम सभी जंजीरों में थे। हमारे अधिकारों से समझौता किया गया। हमें घुटन महसूस हुई। हमारी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। और अंत में, यह भारतीयों के लिए विदेशी ताकतों की गुलामी में रहने का सम्मान नहीं था। इन सभी समस्याओं के अलावा, हमारे देश के पास कई अच्छी चीजें हैं। हम एक परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं। हमारे पास एक बड़ी और बहादुर सेना है। हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं। और हमारे दुश्मन हमसे डरते हैं। हम दुनिया के मुक्त और खुशहाल लोगों के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। हम राजनीतिक रूप से शक्तिशाली, आर्थिक रूप से मजबूत और सैन्य रूप से उन्नत हैं। युवा होने के नाते, हम कल के लिए अपने राष्ट्र का भविष्य हैं। हमें समस्याओं को देखने और तुरंत समाधान खोजने की आवश्यकता है। हमें एकजुट होना होगा। जैसा कि हमारे महान नेता नीता जी गांधी गांधी ने कहा, “भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम वर्तमान में क्या करते हैं।” इसलिए, हमें एक बेहतर कल के लिए अपने आज का उपयोग करना होगा। प्रिय दोस्तों, एकता में ताकत है। इसलिए हमें एकजुट होना होगा। हमें आज यह वचन देना होगा कि हम अपनी जमीन को कभी नुकसान नहीं होने देंगे। हमें अपने देश को दुनिया में शक्तिशाली और सम्मानित बनाने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा। आइए एकजुट हों, कड़ी मेहनत करें और अपने हर दोस्त और दुश्मनों को एक जैसा बताएं। हम दोस्तों के साथ दोस्त हैं और हम दुश्मनों के साथ कठोर हैं।

 || “जय हिंद, जय भारत” ||

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